सोशल मीडिया की ताकत: दो साल बाद गुमशुदा बेटा परिवार से मिला, ‘हेलिकॉप्टर दादा’ बने फरिश्ता!

प्रवीण पाण्डेय/विरार। सोशल मीडिया ने एक बार फिर अपना चमत्कार दिखाया है। वसई-विरार के मशहूर समाजसेवी यश माने उर्फ ‘हेलिकॉप्टर दादा’ की एक साधारण रील ने कर्नाटक के एक गुमशुदा युवक को उसके परिवार से दो साल बाद जोड़ दिया। यह दिल छू लेने वाली कहानी दयालुता और डिजिटल दुनिया की अनंत संभावनाओं की मिसाल बन गई है।

घटना 19 अक्टूबर की है। विरार पश्चिम में मिठाई बांटते समय यश माने की नजर एक मानसिक रूप से बीमार युवक पर पड़ी। दयालु हृदय वाले यश ने उसकी मदद की और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। बस यही वीडियो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। यह कर्नाटक के बेल्लारी जिले के हागरिबोम्मनहळ्ळी गांव तक पहुंचा, जहां खासीम बंडी ने इसे देखा और चौंक गए। उन्होंने तुरंत पहचान लिया कि यह उनका गुमशुदा बेटा सलीम है, जो दो साल से लापता था।

खासीम बंडी और उनका परिवार फौरन विरार पहुंचे। वहां पिता-पुत्र का भावुक मिलन हुआ, जिसमें आंसू और गले लगने की तस्वीरें हर किसी को भावुक कर गईं। सलीम की मानसिक स्थिति को देखते हुए यश माने ने पहले ही उसकी देखभाल की थी, जो अब परिवार के लिए वरदान साबित हुई।

यश माने, जो ‘हेलिकॉप्टर दादा’ के नाम से जाने जाते हैं, अक्सर गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। उनकी यह रील न सिर्फ सलीम को घर लौटाने में कामयाब रही, बल्कि यह साबित कर गई कि सोशल मीडिया इंसानों को जोड़ने का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन सकता है।

यह कहानी हमें याद दिलाती है कि एक छोटी सी नेकी और तकनीक का सही इस्तेमाल कितने जीवन बदल सकता है। ‘हेलिकॉप्टर दादा’ जैसे लोग समाज की असली ताकत हैं!

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