विजय पाटील का आह्वान: मविआ-बविआ साथ आएं, जीत पक्की!
वसई। पालघर जिले में भाजपा की सांप्रदायिक विचारधारा को सत्ताबाह्य करने और संविधान की रक्षा के लिए महा विकास आघाड़ी (मविआ) और बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) को एकजुट होने का आह्वान किया गया। वसई के गिरनार धाम, चिंचोटी में आयोजित संयुक्त बैठक में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सरचिटणीस विजय पाटील ने कहा, “भाजपा जैसी पार्टियां सर्वधर्म समभाव को खतरे में डाल रही हैं। आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनावों में मविआ और बविआ को मतभेद भुलाकर न्यूनतम साझा कार्यक्रम के साथ उतरना चाहिए, तभी जीत सुनिश्चित होगी।”
बैठक में बविआ अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद हितेंद्र ठाकूर की विकासोन्मुखी राजनीति की सराहना करते हुए पाटील ने ठाकूर की विभिन्न भूमिकाओं का समर्थन किया। पूर्व सांसद बळीराम जाधव ने जोर दिया, “विकसित भारत के लिए राहुल गांधी प्रधानमंत्री और विकसित महाराष्ट्र के लिए उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनें, यही हमारा ध्येय है। गली से दिल्ली तक समविचारी लोग एक साथ आएं।”
पूर्व विधायक राजेश पाटील ने दोनों आघाड़ियों की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा को पूरक बताते हुए कहा, “समाज और संविधान की रक्षा के लिए मतभेद भुलाकर एकजुट होना स्वाभाविक है।” शिवसेना उपजिल्हाप्रमुख जनार्दन म्हात्रे ने उत्साह से आवाहन किया, “मविआ-बविआ साथ लड़े तो जीत कोई नहीं रोक सकता।” पालघर जिल्हा कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल पाटील ने विश्वास जताया, “जिले की नगरपरिषदों और पंचायतों में हम एकजुट होकर लड़ रहे हैं, सांप्रदायिक शक्तियों को रोका जाएगा।”
वसई तालुका ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राम पाटील की मध्यस्थता को सराहा गया, जिन्होंने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित किया। बैठक का प्रास्ताविक राम पाटील ने किया, जबकि पूर्व सभापति कन्हैय्या बेटा भोईर ने आभार व्यक्त किया। बैठक में ठाणे जिला मध्यवर्ती बैंक अध्यक्ष राजेंद्र गोपाळ पाटील, पूर्व जिला परिषद सदस्य कृष्णा माळी, पूर्व सभापति अशोक पाटील, पूर्व नगरसेवक सुनील आचोळकर, शिवसेना नेता रमेश जाधव, प्रदीप पाटील, जयप्रकाश ठाकूर, बविआ सरपंच कमळाकर जाधव, कांग्रेस नेता मनीष पाटील, राष्ट्रवादी शरद पवार के रोहित ससाणे, अश्रफ अली सहित सैकड़ों पदाधिकारी, सरपंच और कार्यकर्ता उपस्थित थे। यह एकता पालघर की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।












