15 दिनों का अल्टीमेटम, तत्काल आपूर्ति वरना आंदोलन : पूर्व महापौर रुपेश जाधव
वीवीसीएमसी ने जनता के करोड़ों रुपए किए खर्च, दिखावे के लिए बना सफेद हाथी
नालासोपारा। वसई-विरार शहर महानगरपालिका की लापरवाही एक बार फिर सुर्खियों में है। आचोले प्रभाग में करोड़ों रुपए की लागत से बनी 3 विशाल पानी की टंकिया पिछले कई महीनों से चालू नहीं की गई हैं। प्रशासन की निष्क्रियता के कारण ये टंकिया अब धूल खा रही हैं, जबकि दूसरी ओर नागरिक पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं।
अन्यथा स्वयं करेंगे आपूर्ति
पूर्व महापौर एवं बहुजन विकास आघाड़ी के वरिष्ठ नेता रूपेश जाधव ने इस गंभीर मुद्दे पर तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अगले 15 दिनों के भीतर इन टंकियों से जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो बहुजन विकास आघाड़ी स्वयं पानी की आपूर्ति शुरू करेगा और प्रशासन को सड़कों पर उतरकर जवाब देना पड़ेगा।
टैंकर पर निर्भर नागरिक
जाधव ने कहा कि जनता के पैसों से करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई ये टंकिया आखिर किसलिए हैं? क्या इन्हें केवल दिखावे के लिए बनाया गया था? उन्होंने सवाल उठाया कि जब नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, तब प्रशासन की चुप्पी असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है।
कार्यकाल में मिली मंजूरी
आचोले श्मशान, राम रहीम नगर और एवरशाइन सिटी के पास बनी ये तीन टंकिया लगभग 90 लाख लीटर पानी भंडारण क्षमता रखती हैं। तत्कालीन महापौर रूपेश जाधव के कार्यकाल में भविष्य की जल आवश्यकताओं को देखते हुए इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी। मगर वर्तमान प्रशासन की लापरवाही के चलते ये सफेद हाथी बनकर रह गई हैं।
बढ़ती महंगाई, महंगे पानी
शहर में इस समय सूर्या जलापूर्ति योजना में रिसाव और बिजली आपूर्ति में रुकावट के कारण जलसंकट गहराया हुआ है। गाला नगर, चंदन नाका, एवरशाइन सिटी और लिंक रोड क्षेत्र के नागरिक टैंकरों के भरोसे हैं। बढ़ती महंगाई के बीच महंगे पानी की खरीद से लोगों की जेबें खाली हो रही हैं और उनका आक्रोश चरम पर है।














