दहीहांडी नहीं, शिक्षा उत्सव: पूर्व नगरसेवक अरुण जाधव का सराहनीय फैसला

उत्सव का बजट शिक्षा के नाम, संवारेंगे 25 छात्रों की जिंदगियां
नालासोपारा। सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का दुर्लभ उदाहरण पेश करते हुए बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) के पूर्व नगरसेवक अरुण जाधव ने इस वर्ष दहीहांडी महोत्सव का आयोजन न करने का निर्णय लिया है। इसके बजाय उन्होंने 25 ज़रूरतमंद विद्यार्थियों की पूरे वर्ष की पढ़ाई का खर्च उठाने का संकल्प लिया है। 
हादसे ने झकझोरा 
यह फैसला उन्होंने हाल ही में दहिसर में हुई उस दर्दनाक घटना के बाद लिया, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान मात्र 11 वर्षीय बाल गोविंदा की मौत हो गई थी। इस हादसे ने अरुण जाधव को गहराई से झकझोर दिया और उन्होंने तय किया कि इस वर्ष उत्सव में खर्च होने वाला सारा बजट बच्चों की शिक्षा में लगाया जाएगा।

उत्सव की खुशी अधूरी

पूर्व नगरसेवक अरुण जाधव का कहना है कि उत्सव मनाना हमारी परंपरा है, लेकिन जीवन और शिक्षा उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। एक मासूम की मौत ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि उत्सव की खुशी तब अधूरी रह जाती है, जब किसी घर में दुख हो।

शिक्षा – सुरक्षा प्राथमिकता 

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूर्व नगरसेवक अरुण जाधव के इस निर्णय की खुलकर सराहना की है। कई लोगों का कहना है कि इस पहल से अन्य आयोजकों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे उत्सव के साथ-साथ समाज के अन्य ज़रूरी मुद्दों, खासकर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें। 
तालुका में चर्चा का विषय 
यह कदम न केवल नालासोपारा बल्कि पूरे वसई तालुका में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का मानना है कि अगर कुछ आयोजक अपने बजट का एक हिस्सा भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खर्च करें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव तेजी से आ सकता है।

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