“ग्रामीण प्रतिभाओं की क्षमता बढ़ाने वाला यह उपक्रम ऐतिहासिक साबित होगा” – सांसद डॉ. हेमंत सवरा
पालघर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना से प्रेरित सांसद खेल महोत्सव ने पालघर जिले के ग्रामीण इलाकों के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अनोखा अवसर प्रदान किया। कैटेगरी पद्धति से आयोजित इस महोत्सव में ग्रामीण भाग के बच्चों को विभिन्न खेलों के लिए मजबूत मंच उपलब्ध कराया गया, जिससे उनकी गुणवत्ता सिद्ध करने का सुनहरा मौका मिला।
रिकॉर्ड-ब्रेक सवा छह लाख पंजीकरण
पालघर के सांसद डॉ. हेमंत सवरा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर आयोजित इस भव्य आयोजन में रिकॉर्ड-ब्रेक सवा छह लाख खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। नवंबर के पहले सप्ताह में अरब सागर में बने कम दबाव के पट्टे से जारी बारिश ने कई चुनौतियां खड़ी कीं, लेकिन आयोजकों ने हार नहीं मानी। तंबुओं के नीचे लंगड़ी, वॉलीबॉल, खो-खो और कबड्डी जैसी स्पर्धाओं का सफल आयोजन किया गया, जबकि शहर के बंद हॉल में योगासन प्रतियोगिताएं हुईं। पुलिस परेड मैदान पर एथलेटिक्स और अन्य मैदानी खेलों ने जोश भर दिया। कुल मिलाकर लगभग 25 हजार खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में उतरे।
आयु वर्ग के अनुसार 12, 14 और 17 वर्ष से कम उम्र के लड़के-लड़कियों की अलग-अलग कैटेगरी में वॉलीबॉल के 183 दल, लंगड़ी के 127 दल, खो-खो के 215 दल और कबड्डी के 270 दल ने भाग लिया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई छात्रों ने पहली बार सुसज्जित मैदान और प्रतिस्पर्धी माहौल में खेला, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। स्कूलों, आश्रम स्कूलों और निजी संस्थानों के शिक्षकों ने बताया कि अन्य दलों की परफॉर्मेंस देखकर बच्चों का स्तर ऊंचा उठेगा और भविष्य में उनके खेल कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
पालघर जिले में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ग्रामीण छात्रों के लिए आयोजित इस महोत्सव के दीर्घकालिक लाभ होंगे। समापन समारोह में सांसद डॉ. हेमंत सवरा ने कहा, “यह उपक्रम ग्रामीण बच्चों की क्षमता बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा।” पालकमंत्री गणेश नाईक ने जिला खेल संकुल की स्थापना के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने गडचिरोली के बाद पालघर में तेज विकास की बात करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि जिले के आम नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं।













