वसई-विरार में ग़ज़ल गायन स्पर्धा का धूमधाम आयोजन, भूषण कुमार बने चैंपियन
विरार। ओल्ड विवा कॉलेज, विरार में रविवार को यंगस्टार्स की ओर से आयोजित ग़ज़ल गायन स्पर्धा ने संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया। सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम शाम चार बजे तक चला और इसमें 12 से 85 वर्ष तक की आयु के सांताक्रूज़, भाइंदर, वसई तथा विरार के करीब 50 प्रतियोगियों ने भाग लिया। पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर के मार्गदर्शन और संगठक सचिव अजीव पाटील की अगुआई में संपन्न इस आयोजन को प्रतियोगियों ने अत्यंत प्रशंसनीय बताया।स्पर्धा में हसन कमाल की लिखी ‘किसी नज़र को तेरा इंतज़ार…’, ‘फिज़ा भी है जवा जवा…’, निदा फाज़ली की ‘कभी किसी को मुकम्मल…’, जावेद अख्तर की ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया…’, शबीह अब्बास की ‘सलोना सा साजन…’ तथा अन्य क्लासिक ग़ज़लों जैसे ‘हम तेरे शहर में आते हैं…’, ‘होश वालों को खबर क्या…’, ‘दिल की ते आरज़ू थी…’ और ‘रस्मे उल्फत’ की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। भूपेंद्र, आशा भोसले, सलमा आगा, जगजीत सिंह तथा गुलाम अली जैसे दिग्गजों की गाई इन ग़ज़लों ने माहौल को सुरीला बना दिया। सभी प्रतियोगियों का गायन स्तर ऊंचा होने से मुकाबला बेहद रोचक और प्रतिस्पर्धी रहा।विजेताओं की घोषणा करते हुए भूषण कुमार ने ‘किसी नज़र को…’ गाकर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रदीप रोहेकर ने ‘तुमको देखा…’ प्रस्तुत कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अद्वैती पाटील ने ‘सलोना सा…’ गाकर तृतीय स्थान जीता। अनूप पुजारी और इंद्रजीत सिंह को उत्साहवर्धक पुरस्कार मिले। सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार और सम्मान चिह्न संघटक सचिव अजीव पाटील, सृजन के संदीप फाटक, कोमसाप की कार्याध्यक्षा अश्विनी भोईर तथा महाराष्ट्र की ख्यातनामा ग़ज़लकार ज्योति बालिगा राव के हाथों प्रदान किए गए।प्रतियोगियों ने कहा, “ऐसे कार्यक्रम निरंतर होते रहें तो मंच पर गाने का आत्मविश्वास बढ़ता है।” उन्होंने यंगस्टार्स का आभार व्यक्त किया। सूत्रसंचालन और आभार सुरेखा कुरकुरे ने किया, जबकि मुग्धा लेले, मिलिंद पोंक्षे, वृंदा मयेकर तथा अंजलि कदम के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समय पर उपस्थिति और उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।यह स्पर्धा न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में सफल रही, बल्कि ग़ज़ल संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत रखने का एक सराहनीय प्रयास साबित हुई।













